छत्तीसगढ़राजनांदगांव जिला

राजनांदगांव : साहित्यकारों ने अपनी श्रेष्ठ रचनाओं का पाठ कर समां बांधा …

राजनांदगांव l राष्ट्रीय कवि संगम व रचना साहित्य समिति के तत्वाववधान में बालोद गुरुर में साहित्यिक आयोजन किया गया। संस्कारधानी के कवि-साहित्यकारों ने अपनी श्रेष्ठ रचनाओं की प्रस्तुति से साहित्यिक आयोजन को यादगार बना दिया। मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के जिला समन्वयक वरिष्ठ कवि साहित्यकार आत्माराम कोशा थे। अध्यक्षता राष्ट्रीय कवि संगम बालोद के अध्यक्ष भरत बुलंदी ने की।

रचना साहित्य सदन कोलिहामार-गुरुर में आयोजित साहित्यिक आयोजन का शुभारंभ मां सरस्वती की पूजा-अर्चना के साथ किया गया। राजनांदगांव की कवि सुषमा शुक्ला ने मां शारदे की वंदना कर नारी वंदन से संबंधित सशक्त रचनाए सुनाकर लोगों को भाव-विभोर किया। कवि भरत सिन्हा ने ओजमयी संचालन में साहित्यकार कोशा ने छत्तीसगढ़ की दया, मया का गान किया वहीं राष्ट्र गीत वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने पर इसके रचयिता बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय को नमन किया। उन्होंने कविताओं के अंदाज में बताया कि वंदे मातरम गूंजा था, संन्यासी विद्रोह में, भारतवासी उठ खड़े हुए थे,अंग्रेजो के विद्रोह में इस कविता से खूब तालियां बटोरी।

थंगेश्वर ने ऑपरेशन सिंदूर पर वीरता का बखान किया राष्ट्रीय कवि संगम जिला संयोजक डॉ. अशोक आकाश ने राष्ट्रीय कवि संगम के उद्देश्य राष्ट्र जागरण धर्म हमारा पर चिंतन करते हुए अपनी बात रखी। साहित्य सृजन समिति के उपाध्यक्ष कवि थंगेश्वर साहू ने आपरेशन सिंदूर पर वीरता का बखान किया। कवि पुनुराम ने भू-दान आंदोलन पर, कवि गजपति साहू ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी पर गान किया। थानू राम सिन्हा ने काया खंडी गीत सुनाया। पूरन माली ने छत्तीसगढ़ी में इही बात मोला खटकत है सुनाया। कवि रेशमी साहू ने नारी व्यथा पर संवेदना अभी भी जिंदा है सुनाकर वाहवाही पाई। कार्यक्रम की सराहना की गई।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button